यह बात स्पष्ट है कि राहुल गांधी ने दुनिया की भारत-विरोधी ताकतों के साथ एक समूह बना लिया है
यह बात स्पष्ट है कि राहुल गांधी ने दुनिया की भारत-विरोधी ताकतों के साथ एक समूह बना लिया है, और उस समूह में वे एक सक्रिय सदस्य के रूप में स्थापित हैं। यही कारण है कि राहुल गांधी भारत में जो भी झूठ बोलते हैं, उसका विश्व-स्तर पर प्रचार किया जाता है।
भारत का मीडिया भी राहुल गांधी के झूठ को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करता है, क्योंकि भारतीय मीडिया को भी अंतरराष्ट्रीय शक्तियों के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है। दुनिया की ये ताकतें राहुल गांधी को आर्थिक सहयोग भी देती रहती हैं, क्योंकि भारत की तेज प्रगति उन्हें स्वीकार नहीं है। साथ ही हिंदुत्व का विस्तार भी इन शक्तियों को खटकता है।
इन्हीं कारणों से ये सभी ताकतें राहुल गांधी रूपी जयचंद को अपने साथ जोड़कर हिंदुत्व और भारतीयता को कमजोर करने में सक्रिय हैं। परिणामस्वरूप हमें कई मोर्चों पर एक साथ संघर्ष भी करना पड़ रहा है और परिस्थितिवश कुछ समझौते भी करने पड़ रहे हैं।
भारत और हिंदुत्व न तो दुनिया से अलग-थलग होना चाहते हैं और न ही दुनिया की गुलामी स्वीकार करना चाहते हैं। इसलिए हमारा मार्ग कठिन अवश्य है, लेकिन यही सबसे उचित मार्ग भी है। हम न तो भारत-विरोधी और हिंदुत्व-विरोधी दुनिया से अनावश्यक टकराव चाहते हैं और न ही अपने अस्तित्व का अंत।
इस संघर्ष में यह आवश्यक है कि हम अपने भीतर मौजूद जयचंद से सावधान रहें। यह जयचंद स्वयं तो मूर्ख है, लेकिन उसके पीछे उसकी माँ खड़ी है और सारी योजनाएँ वही बना रही है। हमारी मजबूरी यह है कि हम प्रत्यक्ष रूप से जयचंद से ही टकरा सकते हैं, उसके पीछे खड़ी माँ से नहीं।
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