ईरान–इज़रायल संघर्ष: समर्थन के पीछे की मानसिकता और सवाल... ईरान–इज़रायल युद्ध में हम देख रहे हैं कि भारत में भी कुछ लोग ऐसे हैं जो ईरान के साथ खड़े... 21 Mar 26 00:03 4 0
कलयुग से सतयुग की ओर: संशोधित सामाजिक व्यवस्था का संकल्... वर्तमान दुनिया में ऐसा माना जा रहा है कि कलयुग आ गया है और कलयुग का अंतिम चरण है। मान लीजिए कि यदि कलयुग आ भी ... 21 Mar 26 00:03 7 0
राजनीतिक विमर्श में भावनात्मक बयान और उनकी व्याख्या मेरे एक अच्छे मित्र कृष्ण अवतार त्रिपाठी ‘राही’ जी ने मुझसे यह प्रश्न किया है कि भ... 21 Mar 26 00:03 6 0
दुर्घटना में संवेदना बनाम अवसरवाद: समाज का कड़वा सच एक कहानी है कि एक गाय गड्ढे में गिर गई और उसका पैर टूट गया। कुछ लोग दया करके गाय की मदद करने के लिए आ जाते हैं... 21 Mar 26 00:03 5 0
वर्तमान भारतीय राजनीति में त्रिस्तरीय नेतृत्व का उदय आदर्श राजनीति में तीनों का समान संतुलन आवश्यक माना जाता है—एक है ब्राह्मण, एक क्षत्रिय औ... 21 Mar 26 00:03 3 0
यूजीसी विवाद और राजनीतिक असमंजस: पक्ष-विपक्ष दोनों की प... कल पटना में यूजीसी के वर्तमान कानून के समर्थन में एक बड़ी रैली निकाली गई। इस रैली में दलित नेताओं, कांग्रेसीयो... 19 Mar 26 00:03 11 0
राष्ट्रीय हित बनाम वैश्विक ध्रुवीकरण: देशों की स्वतंत्र... अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव कई लोगों को दो शक्तिशाली नेतृत्वों के टकराव के रूप में दिखाई देता है। एक ओर ... 19 Mar 26 00:03 11 0
भारतीय राजनीति में सत्ता, संस्थाएँ और आरोप: कांग्रेस से... कांग्रेस पार्टी ने लगभग 60 वर्षों तक भारत पर एकछत्र शासन किया। कांग्रेस पार्टी की कुछ प्रमुख विशेषताएँ रही हैं... 19 Mar 26 00:03 11 0
व्यवस्था और चरित्र का संबंध: लोकतंत्र में सुधार की सही ... लोकतंत्र में व्यवस्था से ही चरित्र बनता है, चरित्र से व्यवस्था नहीं बनती। दुर्भाग्यवश हम अक्सर यह कल्पना करने ... 19 Mar 26 00:03 13 0
वैश्विक संघर्षों का वास्तविक स्वरूप: धर्म, राजनीति या स... यह एक गंभीर प्रश्न है कि दुनिया में जहाँ-जहाँ भी युद्ध चल रहे हैं, वहाँ मुसलमान किसी न किसी पक्ष में दिखाई देत... 18 Mar 26 00:03 10 0
बढ़ती वैश्विक हिंसा और मानवता के सामने खड़ा संकट हम लगातार दुनिया में बढ़ते हुए युद्धों को लेकर चिंतित हैं। आम लोगों के भीतर हिंसा और स्वार्थ की प्रवृत्ति भी ब... 18 Mar 26 00:03 10 0
राष्ट्र, राज्य और समाज: सर्वोच्चता का वास्तविक केंद्र क... समाज में राष्ट्र भावना अत्यंत प्रबल होती है। राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति समाज में स्वाभाविक सम्मान रहता है, जब... 17 Mar 26 00:03 21 0
ईरान–अमेरिका संघर्ष: भारत के श्रमजीवियों के लिए संकट या... दुनिया में अनेक देश ऐसे हैं जिन्हें श्रम-अभाव वाले देश माना जाता है। वहाँ आम लोगों का जीवन स्तर ऊँचा है, लोग अ... 17 Mar 26 00:03 16 0
व्यक्ति, समाज और राज्य का संबंध : व्यवस्था परिवर्तन की ... व्यक्ति और समाज—ये दोनों प्राकृतिक इकाइयाँ हैं। दोनों के अपने-अपने मौलिक अधिकार होते हैं... 16 Mar 26 00:03 26 0
भारत के लिए अवसर: ईरान–संयुक्त राज्य अमेरिका टकराव का न... ऐसा समय जीवन में कभी-कभी आता है जब आपके सामने अवसर के द्वार खुले होते हैं, लेकिन भूलवश आप उस अ... 16 Mar 26 00:03 21 0