इज़रायल–ईरान युद्ध: वैश्विक शक्तियों की भूमिका

इज़रायल–ईरान युद्ध एक महीने से लगातार चल रहा है। इज़रायल के साथ अमेरिका खड़ा हो गया है। ईरान के साथ न रूस आ रहा है, न चीन आ रहा है। सऊदी अरब या अन्य देश भी या तो बीच में तमाशा देख रहे हैं या अंदर ही अंदर ईरान के विरुद्ध हैं। ईरान के प्रमुख नेताओं को भी संकट की गंभीरता का अनुमान हो रहा है। यही कारण है कि ईरान के प्रमुख नेताओं ने इस बात की घोषणा की है कि हम सिर कटा सकते हैं, लेकिन सिर झुका नहीं सकते। उन्होंने इस बात के लिए ईरान की जनता का आह्वान किया है कि हम खुदा के अतिरिक्त किसी अन्य के सामने सिर नहीं झुका सकते। यदि ज़रूरत पड़ेगी तो हम जिहाद के लिए भी तैयार रहेंगे, लेकिन हम सिर झुकाएँगे नहीं।

दूसरी ओर, अमेरिका ने भी यह बात साफ कर दी है कि ईरान को समाज के सामने झुकना ही पड़ेगा। यदि ईरान के नेता झुकने को तैयार नहीं हैं, तो सिर कटाने के लिए भी उन्हें तैयार रहना चाहिए। ईरान के मुट्ठी भर युद्धोन्मादी नेता ईरान की आम जनता का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। हमारे भारत के भी कुछ लोग ईरान के सिर कटाने के दावे से बहुत प्रसन्न हैं, लेकिन मेरे विचार में यह मूर्खता है। हमें समाज के आदेश मानने ही चाहिए। हम दुनिया के सामने अकड़कर सिर कटाने की मूर्खता करें, यह बुद्धिमानी नहीं है। ईरान के नेताओं को इस संबंध में फिर से विचार करना चाहिए। समाज सबसे ऊपर होता है और समाज के सामने अकड़ना बुद्धिमानी नहीं है।