आरोप और टकराव की राजनीति: अरविंद केजरीवाल ,अन्ना हज़ारे सहयोगियों के बीच मतभेद

अरविंद केजरीवाल के विषय में कल जो कुछ भी घटना घटी, वह अप्रत्याशित नहीं कही जा सकती। अरविंद केजरीवाल के उत्थान और पतन को मैंने बहुत नज़दीक से देखा है। जिस तरह अरविंद केजरीवाल ने अन्ना हजारे को धोखा दिया था, वह किसी भी तरह अच्छी बात नहीं थी। अन्ना हजारे का सामाजिक जीवन बर्बाद करने का दोष अरविंद केजरीवाल को ही जाता है। मुझे खुशी है कि मैं उस समय अरविंद केजरीवाल से बाल-बाल बच गया और अन्ना जी फँस गए। सरकार बनाने के बाद भी अरविंद केजरीवाल का तमाशाही व्यवहार लगातार बढ़ता चला गया। जिस दिन अरविंद केजरीवाल ने कुमार विश्वास की गिरफ्तारी के आदेश दिए, वह उनकी नीचता की पराकाष्ठा थी। उसके बाद उन्होंने अपनी ही राज्यसभा सदस्य को घर में बिठाकर जिस तरह पिटवाया, वह भी कोई साधारण घटना नहीं कही जा सकती। बाकी जो कुछ भी हो रहा है, वह सब तो राजनीतिक तिकड़म है। अब अरविंद केजरीवाल को रामबहादुर राय की शरण में जाकर क्षमा माँग लेनी चाहिए, अन्यथा शेष जीवन में यह अवसर भी नहीं मिल पाएगा।