नई राजनीतिक व्यवस्था में परिवार एक इकाई

15 में प्रातःकालीन सत्र

नई राजनीतिक व्यवस्था में हम परिवार को एक इकाई मानेंगे। हमारे सरकारी रिकॉर्ड में कोई माता-पिता, भाई-बहन, पति-पत्नी, बाप-बेटा, बुआ-भतीजा — इस तरह का कोई भेद नहीं होगा। सभी लोग परिवार के सदस्य माने जाएंगे और परिवार ही एक इकाई होगा।

बोलचाल की भाषा अथवा सामाजिक व्यवस्था में आप आंतरिक व्यवस्था कर सकते हैं। किसी को पति-पत्नी, बाप-बेटा आदि आप अपनी आंतरिक व्यवस्था में मान सकते हैं, लेकिन सरकार के रिकॉर्ड में कहीं भी ऐसा कुछ नहीं होगा।

विवाह का पंजीकरण भी नहीं होगा। विवाह को सरकारी मान्यता भी नहीं दी जाएगी। इस तरह हम पहली इकाई व्यक्ति को मानेंगे और दूसरी इकाई परिवार को। बीच के सारे रिश्ते-नाते सामाजिक व्यवस्था के अंतर्गत होंगे, संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत नहीं।