बाल विवाह कानून समाप्त करने की आवश्यकता

16 में प्रातःकालीन सत्र। नई संवैधानिक व्यवस्था में हम बाल विवाह कानून को पूरी तरह समाप्त कर देंगे। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में विवाह करने के लिए स्वतंत्र होगा। उस पर किसी प्रकार का कानूनी प्रतिबंध नहीं होगा। विवाह की उम्र क्या हो, यह तो परिवार तय करेगा या समाज तय करेगा, सरकार तय नहीं कर सकती। वैसे भी सेक्स प्राकृतिक अधिकार है, मौलिक अधिकार है। आप उस पर तब तक रोक नहीं लगा सकते, जब तक उसने किसी के साथ बल प्रयोग न किया हो। जो विवाह लड़के-लड़की की स्वीकृति, परिवार की सहमति और समाज की अनुमति से हो रहा है, उस विवाह में उम्र के नाम पर सरकार हस्तक्षेप नहीं कर सकती।

वर्तमान समय में सरकारों ने यह मान लिया है कि आम नागरिक नासमझ है। परिवार, गांव या राष्ट्र कुछ नहीं समझता। समझदारी का सारा ठेका राजनेताओं के पास है। अब इस ठेकेदारी को समाप्त करने की आवश्यकता है। राज्य समाज का मैनेजर है, मालिक नहीं, इसलिए हम बाल विवाह को एक जबरदस्ती थोपा हुआ कानून मानते हैं। जो भी लोग बाल विवाह के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं, यह सब सरकारी एजेंट हैं, यह समाज के प्रतिनिधि नहीं हैं। विवाह एक सामाजिक व्यवस्था है, संवैधानिक या कानूनी नहीं।