नई भारतीय राजनीतिक व्यवस्था में ब्लैक, तस्करी और मिलावट का समाधान

 

17 में प्रातःकालीन सत्र। हम नई राजनीतिक व्यवस्था में ब्लैक, तस्करी, मिलावट — इन सबका नए तरीके से समाधान करेंगे, क्योंकि वर्तमान तरीका इन्हें रोकने में असफल भी है और गैर-जरूरी भी।

हम सभी प्रकार की निजी संस्थाओं को अपने उत्पादन की बिक्री की स्वतंत्रता देंगे। इस तरह ब्लैक नाम की चीज खत्म हो जाएगी। हम हवाई जहाज का किराया, स्कूल की फीस, अस्पताल का खर्च — इसकी कोई रोकथाम नहीं करेंगे। स्कूल और कॉलेज अपनी फीस कितनी भी ले सकते हैं।

इसी तरह हम देश भर में हर वस्तु के आवागमन की स्वतंत्रता देंगे। कुछ अनिवार्य वस्तुओं पर ही इस तरह के नियम हो सकते हैं, अन्यथा सामान्यतः सभी वस्तुओं के आवागमन की छूट होगी। इस तरह तस्करी भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

मिलावट के संबंध में हम यह नियम बनाएंगे कि कोई व्यक्ति यदि किसी वस्तु के शुद्ध होने की गारंटी देगा और वह शुद्ध नहीं होगी, तभी उसे अपराध माना जाएगा। अन्यथा किसी प्रकार की मिलावट को अपराध नहीं माना जाएगा। खुले में जो चीज बिकेगी, उसकी मिलावट को मिश्रण माना जाएगा और उसे खरीदना या न खरीदना खरीदने वाले की जिम्मेदारी होगी। इस तरह हम मिलावट को भी सीमित कर देंगे।

स्पष्ट है कि जब तक सामान बेचने वाले ने धोखाधड़ी के उद्देश्य से मिलावट नहीं की है, तब तक मिलावट को अपराध नहीं माना जाएगा। दुर्भाग्य है कि वर्तमान सरकार मिलावट और मिश्रण के अंतर को नहीं समझती। इस तरह हम इन तीनों समस्याओं को समाप्त कर देंगे।