अमेरिका, इजरायल और मुस्लिम देशों के सामने नई वास्तविकताएँ

भारत सहित दुनिया भर के मुसलमान इस समय इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि क्या उनका खुदा अन्य देवताओं की तुलना में कमजोर पड़ रहा है। आखिर क्यों गाजा पट्टी पर इजरायल का लगातार कब्जा हो रहा है। दो तिहाई गाजा पट्टी पर इजरायल ने कब्जा कर लिया है। लेबनान में भी इजरायल लगातार आगे बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने भी मुस्लिम देशों को यह सलाह दी है कि वे इब्राहिम समझौते को स्वीकार कर लें और इजरायल के साथ मित्रता का व्यवहार करें। इन सब घटनाओं को देखकर दुनिया का मुसलमान फिर से यह सोच रहा है कि क्या खुदा हमारा साथ नहीं दे रहा है अथवा खुद मजबूत नहीं पड़ रहा है।

भारत के मुसलमानों ने भी कल भारत सरकार से यह मांग की है कि गौ हत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। मेरे विचार से भारत का मुसलमान अब कुछ ठीक दिशा में सोचने की तैयारी कर रहा है। भले ही वह भय से हो या मजबूरी से हो, लेकिन कुछ न कुछ सोच जरूर रहा है। लेकिन मैं भारत के मुसलमानों को यह सलाह देता हूं कि गौ हत्या और मंदिर कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। बड़ी बात यह होगी कि भारत का मुसलमान भारत के संविधान को स्वीकार कर ले। वह समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव कर दे, सारी समस्याएं सुलझ जाएंगी।

अब भारत के मुसलमानों के लिए यह आवश्यक दिख रहा है कि वे विपक्षी दलों पर भरोसा खत्म कर दें। या तो वे संघ परिवार के साथ तालमेल करें या नरेंद्र मोदी के साथ करें। विपक्ष उन्हें गलत मार्ग ही दिखाएगा और उनका नुकसान ही करेगा।

इसलिए भारत के मुसलमानों को यह ठीक तरीके से समझ लेना चाहिए कि बजरंगमुनिजी की सलाह उनके लिए एकमात्र उचित सलाह है।