राहुल गांधी की राजनीतिक दिशा पर पुनर्विचार
मेरा राहुल गांधी के बारे में अब तक यह विचार बना है कि राहुल गांधी झूठ नहीं बोलते हैं और उन्हें जो बोलने की सलाह दी जाती है, वह शत-प्रतिशत झूठ ही निकलती है। आज तक ऐसी कोई घटना नहीं हुई है, जिसमें राहुल गांधी की कही हुई बात सच निकली हो। जिस बात को राहुल गांधी कह देते हैं, वह प्रारंभ से ही झूठ मान ली जाती है। सारी जनता समझ जाती है कि राहुल ने कहा है, मतलब झूठ ही होगा।
अभी 1 महीने पहले ही राहुल गांधी ने यह बात कही थी कि भारत की अर्थव्यवस्था रसातल में चली जाएगी। ऐसा महंगाई का बम फूटेगा, जैसा आज तक कभी नहीं हुआ है। लोग नरेंद्र मोदी को सड़कों पर घेर लेंगे। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे। आज राहुल गांधी इस विषय पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं।
आज ही राहुल गांधी की पार्टी के केरल के एक सांसद शशि थरूर ने यह बात स्पष्ट कर दी कि भारत की अर्थव्यवस्था बहुत सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। नरेंद्र मोदी का कार्यकाल आर्थिक मामलों में बहुत ही सफल है। अब अपने ही सांसद के कथन पर राहुल गांधी की जबान नहीं खुल रही है।
मुझे यह आश्चर्य होता है कि जब राहुल गांधी की सारी बातें झूठ निकलती हैं, तो राहुल ऐसी भविष्यवाणी करते ही क्यों हैं। राहुल को वर्तमान पर ही बात करनी चाहिए। इसीलिए मैं बार-बार कहता हूं कि राहुल एक अयोग्य और नासमझ व्यक्ति हैं, जिसका राहुल के परिवार के लोग दुरुपयोग कर रहे हैं।
यदि राहुल गांधी राजनीति में सफल होना चाहते हैं, तो राहुल गांधी हम लोगों की संस्था से मिलें। हम उन्हें लोक स्वराज का संदेश देंगे और तब राहुल नरेंद्र मोदी को टक्कर दे पाएंगे। लोक स्वराज का विचार ही एकमात्र ऐसा विचार है, जो वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था का विकल्प बन सकता है।
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