संयुक्त स्वतंत्रता का नया सामाजिक मॉडल

हम वर्तमान व्यवस्था में सिर्फ एक साधारण सा बदलाव करने के पक्षधर हैं, और वह बदलाव यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी स्वतंत्रता कम से कम किसी एक व्यक्ति के साथ संयुक्त करनी होगी। कोई व्यक्ति किसी भी प्रकार का निर्णय अकेले नहीं कर सकता। हर व्यक्ति को यह स्वतंत्रता होगी कि वह किसके साथ जुड़ना चाहता है और कब तक जुड़कर रहना चाहता है। वह जब चाहे तब अपना साथी छोड़ सकता है और नया साथी बना सकता है।

इस नई व्यवस्था से यह होगा कि व्यक्ति की उद्दंडता भी कम हो जाएगी और संपत्ति के झगड़े भी कम हो जाएंगे। व्यक्ति के स्वभाव से स्वार्थ और हिंसा का भाव कम हो जाएगा। इसलिए वर्तमान समय में सबसे अच्छा तरीका यह है कि यह नया नियम समाज में लागू कर दिया जाए।