अतिवाद, संतुलनवाद और यथार्थवाद का जीवन अनुभव
मैंने अपने जीवन में चार वादों का अनुभव किया है। पहला है अतिवाद, दूसरा है संतुलनवाद, तीसरा है यथार्थवाद और चौथा...
मैंने अपने जीवन में चार वादों का अनुभव किया है। पहला है अतिवाद, दूसरा है संतुलनवाद, तीसरा है यथार्थवाद और चौथा...
हम किसी भी प्रकार के आरक्षण के खिलाफ रहे हैं, पहले भी थे और आज भी हैं। आरक्षण पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। वर्त...
ईरान-अमेरिका टकराव का कारण बिल्कुल साफ है। वर्तमान दुनिया में दो समानांतर शक्तियाँ ऐसी हैं जो एक-दूसरे से टकरा...
"भारत के वामपंथी और विपक्षी नेता अक्सर यह दावा करते हैं कि देश की मुख्य समस्याएँ केवल भूख, गरीबी और बेरोजगारी ...
मैंने अपने जीवन में बार-बार लिखा है और बोला भी है कि जो लोग किसी मृत महापुरुष के विचारों को अंतिम सत्य मान लेत...
यह बात सर्व विदित है कि आतंकवादी गुटों के सफेद पोश हमेशा सहायक होते हैं। नक्सलवाद को तब तक नियंत्रित नहीं किया...
पिछले कुछ सौ वर्षो से दुनियां की चार संस्कृतियो के बीच आगे बढने की प्रतिस्पर्धा चल रही है । 1 भारतीय 2 इ...