सरकार परिवर्तन से व्यवस्था परिवर्तन की ओर
लेकिन यह बात भी गंभीरता से सोचना होगा कि वर्तमान समय में हमने सिर्फ सरकार बदली है, व्यवस्था नहीं। क्योंकि व्यव...
लेकिन यह बात भी गंभीरता से सोचना होगा कि वर्तमान समय में हमने सिर्फ सरकार बदली है, व्यवस्था नहीं। क्योंकि व्यव...
भारत सरकार ने आज डीजल-पेट्रोल का मूल्य सिर्फ ₹3 प्रति लीटर बढ़ाया है, जबकि कम-से-कम इसे ₹10 प्रति लीटर तो बढ़न...
कल तीन घटनाएँ एक साथ देखने को मिलीं। पहली, Mamata Banerjee ने चुनाव परिणाम आने के बाद भी त्याग...
यह बात समझ में नहीं आई कि तमिलनाडु की सरकार ने इस आरक्षण विधेयक का विरोध किस समझ के आधार पर कि...
वर्तमान Narendra Modi की सरकार बहुत सावधान है और फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। यदि हम तीन घटनाओं पर विचार करें&m...
11 अप्रैल प्रातः कालीन सत्र – समान नागरिक संहिता पर चर्चा। मैं इस बात से सहमत हूँ कि व्यक्ति के विकास म...
14 अप्रैल प्रातःकालीन सत्र। हम जिस प्रकार की भारत में राजनीतिक व्यवस्था का प्रस्ताव दे रहे हैं, उसमें सरकार क...
13 अप्रैल प्रातः कालीन सत्र – नई समाज व्यवस्था पर चर्चा। हम जिस नई समाज व्यवस्था का प्रारूप प्रस्तुत कर...
मैंने अपने जीवन में बहुत-सी बातें लिखीं और 25 वर्ष पहले उनका एक संकलन भी समाज को समर्पित किया। मैं स्पष्ट देख ...
वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार पूरी दुनिया में लोकप्रियता का एक कीर्तिमान बना रही है। भारत के विपक्षी नेता भी नरें...
4 फरवरी – प्रातःकालीन सत्रनई समाज व्यवस्था में भारत राज्यों का संघ नहीं, बल्कि परिवारों का संघ होगा। भार...
राजस्थान में तीन दिन पहले एक युवा साध्वी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई। यह घटना आत्महत्या थी या हत्...
29 जनवरी, प्रातःकालीन सत्रवर्तमान स्थिति में हमें समाज में अराजकता दिखाई देती है। इसका मुख्य कारण यह है कि राज...
हमें प्रसन्नता है कि हमारे सर्वोच्च न्यायालय ने यूजीसी विवाद पर समय रहते हस्तक्षेप किया और नए कानूनों पर रोक ल...
15 जनवरी, प्रातःकालीन सत्र हम पूरी दुनिया के लिए एक ऐसी विश्व व्यवस्था का प्रारूप प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें...
10 जनवरी प्रातःकालीन सत्रहम पिछले कई दिनों से समाज को टुकड़ों में बाँटने वाली वैश्विक योजनाओं पर चर्चा कर रहे ...
14 नवंबर — प्रातःकालीन सत्र नई व्यवस्था में समाज व्यवस्था और राज्य व्यवस्था को स्पष्ट रूप से अल...
12 नवंबर, प्रातःकालीन सत्र जब हम किसी व्यक्ति को अधिकार प्रदान करते हैं, तो वे अधिकार उसकी शक्ति बन जाते हैं &...
जब से यह दुनियाँ बनी है तब से ही शासक वर्ग में समाज को गुलाम बनाकर रखने की ईच्छा रही है। शासक अलग-अलग परिस्थित...