कव्वाली से संसद तक: बहस की बदलती प्रकृति
मैंने अपने जीवन में अनेक बार कव्वालियाँ सुनी हैं। जब हम कव्वाली सुनने जाते हैं, तो मंच पर कव्वाल जिस प...
मैंने अपने जीवन में अनेक बार कव्वालियाँ सुनी हैं। जब हम कव्वाली सुनने जाते हैं, तो मंच पर कव्वाल जिस प...
मैं वर्षों से यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर वह कौन-सा कारण है जिसके कारण Rahul Gandhi कभी-कभी संसद को सु...
पिछले दो दिनों में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था एक कदम और आगे बढ़ते-बढ़ते रुक गई। लगभग 22 वर्ष पहले भी प्रधानम...
नरवणे जी की पुस्तक इस समय बाज़ार में सीमित रूप से उपलब्ध है। इस पुस्तक के जिस अंश को राहुल गांधी संसद में पढ़न...
दुनिया के अनेक देशों में लोकतंत्र है भारत में भी लोकतंत्र माना जाता है। बार-बार यह कह...
अराजकतावादी संसदों को संसद में भेजना उचित नहीं: पिछले दिनों मैने संसद की कार्यवाही टीवी पर देखा। तो मुझे इस ब...
लोक संसद लोकतंत्र का अर्थ लोक नियंत्रित तंत्र होता है । तंत्र लोक का प्रबंधक होता हैं प्रतिनिधि नहीं । लोक और...