BBC की विश्वसनीयता और समाचार की निष्पक्षता
पूरी दुनिया में समाचारों की विश्वसनीयता के लिए अक्सर BBC को एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। बहुत से लोग यह मानते हैं कि बीबीसी आमतौर पर जानबूझकर झूठ नहीं बोलता।
मेरे विचार से पहले दुनिया के बड़े हिस्से पर United Kingdom का शासन था, इसलिए उस समय से ही लोगों के मन में बीबीसी के प्रति विश्वास बनना शुरू हुआ। लेकिन स्वतंत्रता के बाद भी बीबीसी की विश्वसनीयता कम नहीं हुई, बल्कि समय के साथ और बढ़ती चली गई।
मैं स्वयं बचपन से ही बीबीसी के समाचार सुनता रहा हूँ। यहाँ तक कि जेल में रहने के दौरान भी मैं किसी तरह छुपाकर प्रतिदिन सुबह-शाम बीबीसी के समाचार सुनने की कोशिश करता था। आज भी मैं बीबीसी के समाचार अवश्य पढ़ता हूँ।
प्रश्न यह है कि आखिर बीबीसी की विश्वसनीयता इतनी बनी हुई क्यों है? इसका एक कारण यह प्रतीत होता है कि दुनिया के कई अन्य समाचार माध्यम या तो धर्म का पक्ष लेने लगे या किसी राष्ट्र का पक्ष लेने लगे। वे अपनी निष्पक्षता को पूरी तरह बनाए नहीं रख सके। इसी कारण समाचारों की विश्वसनीयता के मामले में बीबीसी उनसे आगे निकल गया।
लेकिन अब मैं इस विषय में कुछ नया करने के बारे में सोच रहा हूँ। यह बात स्थापित हो चुकी है कि मैं किसी भी विषय पर जानबूझकर झूठ नहीं बोलता। मेरा विचार है कि भारत में भी एक ऐसा समाचार माध्यम होना चाहिए जो विश्वसनीयता के मामले में बीबीसी के बराबर या उससे भी अधिक भरोसेमंद हो।
हम जल्द ही इस दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा उद्देश्य एक ऐसा समाचार माध्यम प्रारंभ करना है जो सत्यता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के मामले में बीबीसी से भी अधिक भरोसेमंद बनने का प्रयास करे।
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