व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सहजीवन पर आधारित नई राजनीतिक व्यवस्था

12 में प्रातःकालीन सत्र। हम नई राजनीतिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को असीम स्वतंत्रता की गारंटी देंगे। इसका अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना शरीर पूरी तरह उसके स्वयं के निर्णय के अधीन होगा। सरकार उसके व्यक्तिगत शारीरिक मामलों में कोई कानून नहीं बना सकेगी। समाज भी उसकी सहमति के बिना उसके शारीरिक मामलों में कोई रुकावट नहीं डाल सकेगा।

यह शरीर मेरा है और मेरी सहमति से ही इस शरीर पर किसी तरह का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को आत्महत्या करने की भी स्वतंत्रता होगी। वह अपनी किडनी किसी को भी बेच सकता है, वह अपनी आँख भी किसी को बेच सकता है, अपना शरीर भी किसी को दान दे सकता है या बेच सकता है। कोई सरकार या कोई समाज व्यवस्था उसको तब तक नहीं रोक सकती, जब तक उसने सहमति न दी हो अथवा जब तक उसने कोई अपराध न किया हो।

इस प्रकार हम व्यक्तिगत स्वतंत्रता को असीम मानते हैं। कोई भी पुरुष या महिला अपने शारीरिक संबंध बनाने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी अन्य व्यक्ति उसमें किसी भी परिस्थिति में कोई बाधा उत्पन्न नहीं कर सकेगा।

इसका अर्थ है कि यदि कोई आत्महत्या करना चाहता है या किसी के साथ शारीरिक संबंध बनाना चाहता है, तो उसे वही परिवार रोक सकता है, जिस परिवार के साथ मिलकर उसने अपनी स्वतंत्रता संयुक्त कर दी है।

यह बात भी स्पष्ट है कि दुनिया का कोई व्यक्ति अकेला स्वतंत्र रह ही नहीं सकता। उसे अपनी सहमति से किसी के साथ जुड़ना ही होगा। यह उसकी मजबूरी होगी, बाध्यता नहीं। किसी भी व्यक्ति को किसी अन्य के साथ जुड़ने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, बल्कि यह उसकी स्वयं की आवश्यकता होगी।

इस प्रकार स्वतंत्रता और सहजीवन का एक अच्छा तालमेल आपको नई व्यवस्था में देखने को मिलेगा।