परिवार: नई समाज व्यवस्था की प्रथम इकाई
2 जून प्रातःकालीन सत्र
नई समाज व्यवस्था में व्यवस्था की सबसे पहली इकाई परिवार को माना जाएगा। हर परिवार का एक संविधान होगा। हर परिवार का एक प्रमुख होगा, जिसे हम राष्ट्रपति के समान मान सकते हैं। एक परिवार में कई उप-परिवार भी हो सकते हैं। हर उप-परिवार का एक मुखिया होगा, जो प्रधानमंत्री की भूमिका में होगा।
हर उप-परिवार की संपत्ति संयुक्त होगी और हर उप-परिवार के उत्तरदायित्व भी संयुक्त होंगे। हर परिवार, जिसे हम संयुक्त परिवार भी कह सकते हैं, ग्राम सभा में पंजीकृत होगा। हर परिवार का संविधान भी ग्राम सभा में पंजीकृत होगा। इस तरह हम परिवार को विश्व व्यवस्था की पहली इकाई बना सकते हैं।
हर परिवार में तीन पद अनिवार्य होंगे। पहला राष्ट्रपति का, जो सब लोग बैठकर चुनेंगे। दूसरा मुखिया का, जो राष्ट्रपति नियुक्त करेगा। और तीसरा संविधान सभा का, जो सब लोग बैठकर चुनेंगे।
कोई भी संविधान-निर्माण या संशोधन तीनों की सर्वसम्मति से ही होगा। और यदि असहमति होती है, तो उसके लिए जनमत-संग्रह होगा।
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