बारह वर्षों की उपलब्धियाँ और शेष चुनौतियाँ
आमतौर पर भारत में लोग यह प्रश्न करते हैं कि पिछली सरकारों की तुलना में हम लोगों की जो सरकार 12 वर्षों से चल रही है, उसमें क्या बदलाव आया है।
मैं आपको स्पष्ट कर दूँ, पिछले 60 साल में जो राजनीतिक सरकारें थीं, उन लोगों ने कई समस्याओं को विस्तार दिया। हम लोगों की सरकार ने उन सारी समस्याओं को सूचीबद्ध किया और उनमें से क्रम से एक-एक का निपटारा शुरू किया है।
सबसे पहले हम लोगों ने नक्सलवाद को निपटाया है। पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को लगातार बढ़ाया था और हम उसे समाप्त करने में सफल रहे हैं।
दूसरी समस्या हमारे सामने थी अल्पसंख्यक तुष्टिकरण। हमने कश्मीर की समस्या का सही समाधान कर दिया, जो पिछली सरकारों की देन थी। साथ ही, हमने अल्पसंख्यक तुष्टिकरण को भी लगभग समाप्त कर दिया है। अब भारत में सांप्रदायिक स्तर पर विभाजन का कोई खतरा नहीं है।
पिछले 12 वर्षों में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण सिर्फ विपक्षी नेताओं के दिमाग में ही है, बाकी वास्तव में अब पूरे भारत में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण लगातार कमजोर होता जा रहा है। अब तो विदेशी मुसलमान भारत से बाहर जा रहे हैं, जिन्हें पिछली सरकारों में मेहमान के तौर पर बुला-बुलाकर भारत में स्थापित किया गया था। इस तरह हम सांप्रदायिकता का भी समाधान करने में सफल हो रहे हैं।
तीसरी समस्या है कि हम जातिवाद को लगातार कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। यद्यपि अब तक हम इसमें सफल नहीं हो पाए हैं, लेकिन भविष्य में हम जल्दी ही जातिवाद को भी समाप्त कर देंगे। जातिवाद का ही मजबूती से आश्रय लेकर विपक्ष हमारे प्रयत्नों में रोड़े अटका रहा है, लेकिन हम धीरे-धीरे जातिवाद का भी समाधान कर रहे हैं।
इसके बाद हमारे पास आदिवासी और नारीवाद की समस्या आएगी। उसको अभी हम छेड़छाड़ नहीं कर रहे हैं। जब तक हमें संसद में दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल जाता, तब तक हम इस संबंध में चुप हैं। या तो आदिवासी और महिलाओं के मामले में वर्तमान विपक्ष सहमत हो, या दो-तिहाई बहुमत मिले, तभी इस संबंध में आगे बढ़ा जा सकता है।
भारत में बढ़ता जा रहा उपभोक्तावाद भी एक बड़ी समस्या है। इस समस्या पर भी हमारी सरकार पिछले दो महीने से चिंतन कर रही है और हम उपभोक्तावाद की जगह उत्पादनवाद को प्रोत्साहित करने की तैयारी कर रहे हैं। हम भारत का उत्पादन बढ़ाएँगे, निर्यात बढ़ाएँगे, उपभोग घटाएँगे, तभी भारत आत्मनिर्भर हो सकेगा।
अभी और भी ऐसी कई समस्याएँ हैं जो पिछली सरकारों ने भारत में पैदा की हैं। हम उन समस्याओं पर भी लगातार सोच रहे हैं। 60 वर्षों का कूड़ा-कचरा साफ करने में अभी और समय लगेगा। आपको धैर्य रखना चाहिए।
Comments