सामाजिक चर्चा : समस्याओं की पहचान से समाधान तक

 

8 जून प्रातःकालीन सत्र

हम वर्तमान दुनिया की सामाजिक स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। वर्तमान दुनिया में संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए समन्वित प्रयास करने वाली संस्थाओं में हमारी संस्था ही अग्रणी दिखाई देती है। हम एक साथ चारों दिशाओं में काम कर रहे हैं।

सबसे पहले, हमारी संस्था के लोग यह विचार करते हैं कि समस्याएँ क्या-क्या हैं। उन समस्याओं पर चिंतन करते हैं, मंथन करते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं।

हमारी संस्था का दूसरा भाग उन समस्याओं के कारणों पर विचार करता है। फिर हमारी संस्था का तीसरा भाग उन समस्याओं के समाधान खोजता है। समाधान के मामलों में हमारी संस्था के लोग प्रयोग भी करते हैं, प्रयोगों के परिणाम भी देखते हैं और तब अंत में हमारी संस्था के लोग उन समाधानों को समाज के सामने सक्रिय होकर प्रस्तुत करते हैं।

हम सिर्फ समस्याएँ गिनाते नहीं हैं। हमारी संस्था के लोग समस्याओं का रोना नहीं रोते हैं, बल्कि उन समस्याओं के कारण भी खोजते हैं, समाधान भी खोजते हैं और समाधान लागू करने का प्रयास भी करते हैं।

इस प्रकार मैं यह कह सकता हूँ कि दुनिया में इस तरह की अभी कोई दूसरी संस्था कार्य नहीं कर रही है, जो इन चारों दिशाओं में एक साथ मिलकर काम करे। कोई समस्याएँ गिना रहा है, तो कोई बिना सोचे-समझे समाधान बता रहा है, लेकिन हमारी संस्था ये चारों कार्य एक साथ, समन्वय के आधार पर कर रही है। इसी कारण हमें यह विश्वास है कि हम संस्थागत रूप से युग-परिवर्तन में सफल हो सकते हैं।