केंद्र सरकार का स्वतंत्रता आधारित सुशासन मॉडल
केंद्र सरकार ने तीन दिन पहले देश भर के सरकारी सचिवों की एक बैठक बुलाई और उन्हें तीन निर्देश दिए। पहला, व्यापार को अधिक से अधिक स्वतंत्र किया जाए। दूसरा, आम लोगों के जीवन को अधिक से अधिक स्वतंत्र बनाया जाए। तीसरा, ग्राम सभाओं को अधिक से अधिक स्वतंत्रता दी जाए। सरकार ने इसे ईज़ ऑफ बिज़नेस, ईज़ ऑफ लिविंग और ईज़ ऑफ गवर्नेंस का नाम दिया है।
मैं अच्छी तरह समझता हूं कि सरकार लगातार ठीक दिशा में काम कर रही है और इतनी अधिक नागरिक या व्यापारिक स्वतंत्रता विपक्ष को बहुत कष्ट दे रही है। लेकिन भारत की आम जनता इस बात को समझने लगी है कि वर्तमान सरकार ठीक दिशा में कार्य कर रही है।
मैं तीन दिन पहले सरकार द्वारा लिए गए निर्णय से बहुत अधिक प्रसन्न हूं। सरकार हम लोगों की लाइन पर ठीक दिशा में आगे बढ़ रही है। आम नागरिकों की व्यापारिक, राजनीतिक और स्थानीय स्वतंत्रता को अधिक से अधिक मजबूत करना ही एक अच्छी सरकार की निशानी मानी जाती है।
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