शेखर गुप्ता ने उठाया मेडिकल शिक्षा का महत्वपूर्ण प्रश्न
शेखर गुप्ता भारत के एक प्रसिद्ध पत्रकार माने जाते हैं। मैं उनको हमेशा पढ़ता रहता हूं। कल उन्होंने एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया है कि भारत में डॉक्टरों की कमी है और अगर कुछ प्राइवेट मेडिकल कॉलेज चलते हैं और मनमानी फीस लेकर कॉलेज चला रहे हैं, तो उससे सरकार को क्यों दिक्कत होनी चाहिए। मैं स्वयं लंबे समय से यह बात कहता रहा हूं कि यदि फीस देने वाले छात्र तैयार हैं और अगर प्राइवेट मेडिकल कॉलेज खोलने वाले लोग तैयार हैं, तब सरकार को बीच में दिक्कत क्यों होनी चाहिए। जहां तक गरीब छात्रों का संबंध है, सरकार ऐसे गरीब छात्रों को अपने मेडिकल कॉलेज में पढ़ा सकती है। मैं लंबे समय से यह निवेदन करता रहा हूं और आज भी इसका पक्षधर हूं। गरीब और अमीर के नाम पर विकास को रोकना पूरी तरह गलत है। हमारे बच्चे विदेश में जाकर पढ़ते रहे और भारत में हम अच्छे कॉलेज उपलब्ध न होने दें, अब यह रवैया बदलने की जरूरत है। प्राइवेट अस्पताल, प्राइवेट स्कूल, प्राइवेट दुकान—सबको अपने-अपने उत्पादन का मनमाना मूल्य लेने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। सरकार गरीबों के लिए सब चीज भले ही सस्ती दे दे या मुफ्त दे दे, उससे किसी को कोई आपत्ति नहीं।
Comments