पवन खेड़ा का मामला: न्यायपालिका के बदलते रुख
भारत की न्यायपालिका समय-समय पर विलक्षण कार्य करते रहती है। कांग्रेस पार्टी के एक बड़े प्रवक्ता पवन खेड़ा का मा...
भारत की न्यायपालिका समय-समय पर विलक्षण कार्य करते रहती है। कांग्रेस पार्टी के एक बड़े प्रवक्ता पवन खेड़ा का मा...
यह एक गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में क्या विपक्ष के नेता की उपस्थिति आवश्यक है?...
ईरान-अमेरिका की लड़ाई अभी रुक गई है। कौन जीता, कौन हारा—इसका कोई स्पष्ट निर्णय संभव नहीं है, क्योंकि वास...
भारत के अनेक उच्च शिक्षित संस्थानों के प्रमुख लोगों ने राष्ट्रपति को संयुक्त रूप से एक पत्र लिखा है, जिसमें उन...
ईरान और अमेरिका के बीच जो लड़ाई चल रही है, उस लड़ाई में मैं ईरान की सरकार के विरुद्ध हूँ, क्योंकि ईरान की जनता...
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव कई लोगों को दो शक्तिशाली नेतृत्वों के टकराव के रूप में दिखाई देता है। एक ओर ...
लोकतंत्र में व्यवस्था से ही चरित्र बनता है, चरित्र से व्यवस्था नहीं बनती। दुर्भाग्यवश हम अक्सर यह कल्पना करने ...
नेपाल में हाल ही में चुनाव संपन्न हुए हैं और एक नए युवा नेता ने भारी बहुमत से जीत हासिल की है।...
अब Iran और Israel के युद्ध को लेकर कुछ संभावनाएँ दिखाई देने लगी हैं। ऐसा लगता है कि निकट भविष्य में ईरान किसी ...
लोकतांत्रिक व्यवस्था में राज्य की यह मजबूरी हो जाती है कि वह जनहित की अपेक्षा लोकप्रियता को अध...
हम इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं कि हमारी राज्य व्यवस्था लोकतांत्रिक ढाँचे के भीतर समाज को नियंत्रित रखने के लिए...
दुनिया भर के लोकतांत्रिक देशों की सरकारें समाज को अपने प्रभाव में बनाए रखने के लिए अनेक लोकप्रिय व्यवस्थाएँ अप...
पिछले दो दिनों में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था एक कदम और आगे बढ़ते-बढ़ते रुक गई। लगभग 22 वर्ष पहले भी प्रधानम...
वर्तमान दुनिया में ट्रंप जिस प्रकार का व्यवहार कर रहे हैं, वह पूरी दुनिया के लिए एक तात्कालिक संदेश है। ट्रंप ...
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पवार की एक हवाई जहाज़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना के तुरंत बाद ही बेशर...
27 जनवरी, प्रातःकालीन सत्रदुनिया में क्रिया की प्रतिक्रिया अवश्य होती है। क्रिया सामान्यतः सोच-समझकर, योजना के...
भारत में राजनीतिक बदलाव तो स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों से न्...
22 जनवरी, प्रातःकालीन सत्रसमाज, तंत्र और व्यक्ति—इन तीनों के बीच अलग-अलग भूमिकाएँ होती हैं। तंत्र समाज क...
पिछला वर्ष लगभग समाप्त हो चुका है। यदि हम निष्पक्ष रूप से समीक्षा करें, तो भारत में एक अलग प्रकार का प्रश्नकर्...
सत्र में हम नई समाज-व्यवस्था पर चर्चा कर रहे हैं। यह एक गंभीर विषय है कि नई समाज-व्यवस्था पूर्णतः लोकतांत्रिक ...