अपराध नियंत्रण और सरकारी जिम्मेदारी की गारंटी

20 अप्रैल प्रातःकालीन सत्र।

कल तक की चर्चा में हम लोगों ने अपराध नियंत्रण की सरकार की गारंटी पर चर्चा की थी। चोरी, डकैती, बलात्कार, मिलावट—इन सबको रोकना सरकार की जिम्मेदारी होगी, सिर्फ स्वैच्छिक कर्तव्य नहीं। इसके साथ-साथ सरकार श्रम और बुद्धि के बीच के अंतर को भी अप्रत्यक्ष रूप से कम करने का प्रयास करेगी।

स्पष्ट है कि सरकार बुद्धिजीवियों को अधिक प्रोत्साहन देना बंद कर देगी और श्रमजीवियों को कुछ अधिक प्रोत्साहित करेगी। शिक्षा का बजट कम किया जाएगा, जबकि ग्रामीण रोजगार योजना का बजट तेजी से बढ़ाया जाएगा। न्यूनतम श्रम मूल्य को वर्तमान वातावरण में ₹400 प्रतिदिन घोषित करके देश के प्रत्येक नागरिक को रोजगार प्राप्त करने की गारंटी दी जाएगी।

इसका बजट पूरा करने के लिए शिक्षा का खर्च घटाया जाएगा। सरकारी कर्मचारी और राजनेताओं का वेतन-भत्ता भी कम कर दिया जाएगा। श्रम और बुद्धि के बीच का अंतर घटना हमारी एक आवश्यकता है, इसलिए हम नई व्यवस्था में इस बात का पूरा प्रयास करेंगे कि भारत का श्रम मजबूरी में कहीं पलायन न करे।

“शिक्षित बेरोजगारी” शब्द को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी पढ़ा-लिखा हो, उसे ₹400 प्रतिदिन तक ही बेरोजगार माना जाएगा। उसके ऊपर व्यक्ति को उचित रोजगार की प्रतीक्षा में माना जाएगा, बेरोजगार नहीं।

इस तरह हम नई राजनीतिक व्यवस्था की कल्पना कर रहे हैं।