आर्थिक असमानता समाप्त करने हेतु नई राजनीतिक व्यवस्था का आर्थिक दृष्टिकोण

21 अप्रैल प्रातःकालीन सत्र। हम नई राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत संपत्ति पर किसी भी प्रकार की सीमा नहीं लगाएंगे। साथ ही हम गरीबों को कोई विशेष प्रकार की अलग से सुविधा भी नहीं देंगे। हम वर्तमान समय में इनकम टैक्स, जीएसटी या अन्य सभी प्रकार के आंतरिक टैक्स समाप्त कर देंगे। हम गरीब और अमीर के बीच किसी भी प्रकार की बढ़ती हुई दूरी को रोकने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था नहीं करेंगे। हम अपनी अर्थव्यवस्था में इस तरह का बदलाव करेंगे कि गरीब और अमीर के बीच दूरी लगातार घटती रहे।

यदि किसी विशेष परिस्थिति में यह दूरी बहुत अधिक हो जाएगी, तब हम एक विशेष संपत्ति कर, अधिकतम कुल संपत्ति का दो प्रतिशत, लगाकर आम लोगों में बराबर-बराबर बांट देंगे। यह विशेष संपत्ति कर भी सरकारी खजाने में नहीं जाएगा, लेकिन यह विशेष संपत्ति कर बहुत आपात प्रावधानों में ही लागू होगा, सामान्यतः नहीं।

हम सुरक्षा कर लगाएंगे, जो कुल संपत्ति पर अधिकतम दो प्रतिशत वार्षिक होगा। इस सुरक्षा कर के माध्यम से हम प्रत्येक व्यक्ति की संपत्ति की भी सुरक्षा देंगे और जान-माल की भी सुरक्षा देंगे। इस तरह हम आर्थिक असमानता को रोकने का आर्थिक प्रयत्न करेंगे।

वैसे हमारा पूरा विश्वास है कि कृत्रिम ऊर्जा के मूल्य में वृद्धि करके उससे प्राप्त धन यदि आम लोगों में बराबर बांट दिया जाएगा, तो आर्थिक असमानता प्राकृतिक रूप से अपने आप कम हो जाएगी। हमें कभी कोई आर्थिक आपातकाल लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि हम आर्थिक विषमता को कम करने का आर्थिक प्रयत्न करेंगे, प्रशासनिक अथवा संवैधानिक प्रयत्न नहीं।