पांच राज्यों के चुनाव: नतीजों से पहले सियासी संकेत

कल पाँच विधानसभाओं के चुनाव संपन्न हो गए हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। लेकिन यह बात साफ दिख रही है कि असम में उम्मीद के अनुसार ही भारतीय जनता पार्टी तथा केरल में उम्मीद के अनुसार कांग्रेस पार्टी की जीत पक्की है। तमिलनाडु में भी पुरानी ही सरकार बन सकती है।

लेकिन वास्तविक टकराव तो बंगाल में दिख रहा है। वातावरण जैसा दिख रहा था, उसके मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की सरकार बननी चाहिए थी, लेकिन अब ऐसा लगता है कि भारतीय जनता पार्टी आंशिक रूप से पीछे रह जाएगी, क्योंकि कुछ अतिवादी ब्राह्मणों ने ममता बनर्जी का साथ देकर भारतीय जनता पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इन्होंने यूजीसी को एक शस्त्र मानकर जैसा जहरीला वातावरण तैयार किया, उसका प्रभाव बंगाल में भी दिख रहा है।

भारतीय जनता पार्टी कुछ सीटों से पीछे रह जाएगी और अतिवादी ब्राह्मण, ममता बनर्जी और मुसलमान—सब मिलकर जयकार करेंगे, और अतिवादी ब्राह्मणों को उससे बहुत खुशी होगी। जो भी होगा, वह 4 तारीख को पता चलेगा। लेकिन मेरे विचार से अतिवादी जो कर रहे हैं, वह अच्छा नहीं कर रहे हैं।

हम अतिवादियों की उछल-कूद अभी चुपचाप देख रहे हैं। यदि आवश्यकता पड़ेगी, तो हम किसी भी प्रकार के अतिवादी को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे। हमारी चुप्पी को कमजोरी समझना अच्छा नहीं है। हम साम्यवादी अतिवाद को निपटा चुके हैं, हम मुस्लिम अतिवाद को निपटा रहे हैं, और हम हिंदू अतिवाद की अति की भी गुलामी स्वीकार नहीं करेंगे।