नई राजनीतिक व्यवस्था के पाँच आधार

7 मई, प्रातःकालीन सत्र।

हम नई राजनीतिक व्यवस्था में पाँच सूत्रों को आधार बनाकर अपना संविधान बनाएँगे। इनमें सबसे महत्वपूर्ण होगा — लोक स्वराज प्रणाली। दूसरा होगा — अपराध नियंत्रण की गारंटी। तीसरा — श्रम सम्मान वृद्धि। चौथा — संतुलित आर्थिक असमानता। और पाँचवाँ — समान नागरिक संहिता।

हम इन पाँच आधारों पर समाज को गारंटी देंगे और इनमें भी प्राथमिकता का क्रम वही रहेगा, जो मैंने आपको बताया है। अर्थात सबसे पहले लोक स्वराज प्रणाली और उसके बाद अपराध नियंत्रण की गारंटी।

स्पष्ट है कि हम समाज व्यवस्था को सरकारी व्यवस्था से अधिक महत्व देंगे। हमारी केंद्र सरकार सुरक्षा और न्याय तक सीमित रहेगी। बाकी सारे कार्य हमारी समाज सभाएँ करेंगी। सरकार सिर्फ एक ही होगी — केंद्र सरकार। कोई प्रदेश सरकार नहीं होगी, क्योंकि सरकार के पास सुरक्षा और न्याय को छोड़कर अन्य कोई कार्य नहीं रहेगा। बाकी सभी कार्य सभाओं के माध्यम से संचालित होंगे। यही होगा लोक स्वराज।

परिवार से लेकर केंद्र सभा तक सभी अपने-अपने संविधान बना सकेंगे। अर्थात प्रत्येक परिवार का अपना एक संविधान होगा, जिसे परिवार बैठकर बनाएगा और उसे पूरी स्वतंत्रता होगी। इसी प्रकार ग्राम सभा भी अपना संविधान बनाएगी और केंद्र सभा भी अपना संविधान बनाएगी। सबके अपने-अपने संविधान होंगे और सभी संस्थाएँ अपने संविधान से संचालित होंगी।

यदि किसी इकाई का संविधान किसी दूसरी इकाई के संविधान से टकराएगा, तब ऊपर की इकाई उस टकराव को दूर करेगी।

इस प्रकार मैंने लोक स्वराज प्रणाली का प्रारूप आपके सामने रख दिया है।