कृत्रिम ऊर्जा और स्वतंत्र संविधान सभा: समस्याओं के मूल समाधान
9 जून प्रातःकालीन सत्र
हम लोगों ने दुनिया की सभी समस्याओं के कारण खोजे हैं, समाधान भी खोजे हैं और उनके समाधान की शुरुआत भी कर रहे हैं। इस तरह हम चार चरणों में निरंतर सक्रिय हैं। हमारा यह मानना है कि अधिकांश समस्याएँ कुछ गिनी-चुनी समस्याओं के बाय-प्रोडक्ट हैं, वास्तविक समस्या नहीं हैं, और उनके समाधान भी बहुत साधारण बदलाव से हो सकते हैं। किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अधिकांश पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए हमें सिर्फ एक कार्य करना पड़ेगा कि व्यक्तिगत संपत्ति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को संयुक्त संपत्ति और संयुक्त स्वतंत्रता में बदलना होगा। अर्थात संपत्ति और स्वतंत्रता व्यक्तिगत न होकर पारिवारिक होगी।
इसी तरह सब प्रकार की आर्थिक समस्याओं का समाधान सिर्फ कृत्रिम ऊर्जा की भारी मूल्य-वृद्धि से होगा। इसी तरह सब प्रकार की राजनीतिक समस्याओं का समाधान सिर्फ संविधान सभा स्वतंत्र हो जाने से ही हो जाएगा। इसी तरह सब प्रकार की धार्मिक, जातीय, लिंग-भेद तथा उम्र-भेद की समस्याओं का समाधान समान नागरिक संहिता से हो जाएगा।
दुनिया में दिखने वाली कई हजार समस्याओं के समाधान सिर्फ चार-पाँच छोटे-छोटे बदलावों में निहित हैं। हमें कोई बड़ा बदलाव नहीं करना है। हमारा यह फिर से मानना है कि चार-पाँच गलतियों के बाय-प्रोडक्ट के रूप में आपको हजारों समस्याएँ दिख रही हैं।
हम अनेक प्रकार की दिख रही समस्याओं का एलोपैथिक इलाज करने की अपेक्षा, चार-पाँच मूल समस्याओं का प्राकृतिक इलाज करें, तो सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा।
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