कम्युनिस्ट और राहुल: बदलते राजनीतिक समीकरण
राजनीति में कम्युनिस्ट सबसे अधिक चालाक माने जाते हैं और राहुल गांधी सबसे अधिक शरीफ और नासमझ। अब तक कम्युनिस्ट राहुल गांधी के नेतृत्व पर ही अधिक दम लगा रहे थे, लेकिन पिछले कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री विजयन के विषय में टिप्पणी करके कम्युनिस्टों के एक समूह को नाराज कर दिया है। अब भारतीय कम्युनिस्टों का एक समूह राहुल गांधी के पक्ष में है, तो दूसरा समूह अरविंद केजरीवाल और सोनम वांगचुक को धीरे-धीरे तैयार कर रहा है।
सोनम वांगचुक भी निरंतर इस मामले में सक्रिय हैं और अरविंद केजरीवाल समूह का भी इनके साथ निकट का संपर्क है, यद्यपि अरविंद केजरीवाल अपने को सबसे बड़ा नेता मानते हैं और सोनम वांगचुक अभी अपने को तैयार कर रहे हैं।
जब सोनम वांगचुक की कॉकरोच पार्टी सक्रिय हो रही थी, तब भी अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया तथा कुछ कम्युनिस्ट इस योजना में सक्रिय थे। अब कॉकरोच पार्टी सोनम वांगचुक के नेतृत्व में खड़ी होने का प्रयास कर रही है, लेकिन मुझे इस पार्टी का कोई भविष्य नहीं दिखता है। लद्दाख आंदोलन के समय सोनम वांगचुक जी शिखर पर थे। उसकी तुलना में उनका वर्तमान बहुत कमजोर हो गया है।
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