कृषि उत्पादन पर सभी प्रकार के कर समाप्त किए जाएँ

मैं बचपन से ही यह मांग करता रहा हूँ कि कृषि उत्पादन पर लगने वाले किसी भी प्रकार के टैक्स को पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। मेरा मानना है कि कृषि उत्पादन पर टैक्स लगाकर सरकार किसानों के साथ अन्याय करती है। आज भी मैं इसी मत का हूँ कि कृषि उत्पादन पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगना चाहिए।

यह अलग बात है कि हम इस दिशा में अब तक कोई विशेष सफलता प्राप्त नहीं कर सके हैं, क्योंकि हमारी शक्ति सीमित है। किसानों के नाम पर नेतागिरी करने वाले अनेक लोग नेता तो बन जाते हैं, लेकिन वे केवल किसानों का शोषण करते हैं। कृषि उत्पादन पर लगने वाले टैक्स का वे कभी प्रभावी विरोध नहीं करते।

हम लोगों के बहुत प्रयासों के बाद मनमोहन सिंह सरकार ने कृषि कानूनों को सरल बनाने की कोशिश की थी, जिसका उस समय भारतीय जनता पार्टी ने विरोध किया था। बाद में जब नरेंद्र मोदी सरकार ने कृषि कानूनों में बदलाव का प्रयास किया, तब कांग्रेस के नेताओं ने उसका विरोध किया। लेकिन सबसे अधिक निराशा उन तथाकथित किसान नेताओं से हुई, जिन्होंने अपने राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए "किसान" शब्द का दुरुपयोग किया।

हम इस बात के पक्षधर हैं कि यदि वर्तमान सरकार को संसद में दो-तिहाई बहुमत प्राप्त हो जाता है, तो वह कृषि कानूनों में आवश्यक बदलाव करे। कृषि उत्पादन से संबंधित सभी प्रकार के टैक्स समाप्त किए जाएँ तथा कृषि उत्पादों के आवागमन पर लगे सभी अनावश्यक प्रतिबंध भी हटाए जाएँ। कृषि उत्पादन को भारत में निरंतर प्रोत्साहित किया जाए, ताकि किसानों की आय बढ़े और कृषि क्षेत्र अधिक सशक्त बन सके।

मैं भारत सरकार से पुनः निवेदन करता हूँ कि कृषि उत्पादन पर लगने वाले सभी प्रकार के टैक्स समाप्त किए जाएँ।