माँ संस्थान के अभियान का बढ़ता प्रभाव

मां संस्थान से जुड़े देश भर के लगभग सभी साथियों ने परिवार सशक्तिकरण का वैचारिक अभियान देशभर में शुरू किया हुआ है, जो पिछले दो-तीन वर्षों से सक्रिय है। धीरे-धीरे हमारे देश की राजनीतिक व्यवस्था पर भी इस अभियान का प्रभाव पड़ रहा है। अभी तमिलनाडु में परिवार को एक इकाई घोषित करने की सरकार की योजना सामने आई है। उसके पहले भी देश के 6 प्रदेश सरकारों ने परिवार को एक इकाई मानने के कानून बनाए हैं। इन राज्यों में हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश तथा हिमाचल प्रदेश शामिल हैं। अब तमिलनाडु ऐसा सातवां प्रदेश बना है। इस तरह व्यक्ति और राष्ट्र के बीच परिवार को एक इकाई करने की एक अच्छी शुरुआत हुई है। मैं मानता हूं इस संबंध में अभी बहुत कुछ करना बाकी है, लेकिन अगर प्रारंभिक शुरुआत भी हुई है तो यह शुभ लक्षण है। हम अन्य मामलों पर भी आगे बढ़ने की शुरुआत कर चुके हैं। परिवार की एक संशोधित परिभाषा भी हम लोगों ने प्रस्तुत की है। परिवारों के टूटने के कारण पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ है। परिवारों के मामले में हम सब साथी एकजुट होकर लगातार गंभीर विचार-मंथन भी कर रहे हैं और साथ ही विचार-प्रचार भी कर रहे हैं। जिन राज्य सरकारों ने इस संबंध में पहल की है, उन्हें हम धन्यवाद देते हैं। हम केंद्र सरकार से भी इस विषय में निवेदन करना चाहते हैं कि वह भी परिवार व्यवस्था को समाज की पहली इकाई घोषित कर दे।