राहुल गांधी के भाषण पर उठते सवाल

अभी दो-तीन दिन पहले राहुल गांधी ने अपने देशभर के कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने के लिए अपने भाषण में कुछ ऐसी बातें कहीं, जो गंभीर प्रश्न पैदा करती हैं। उन्होंने कहा कि हम 2029 का आने वाला चुनाव जीत चुके हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि मेरे पास चुनाव आयोग, न्यायपालिका से जुड़े लोगों और सुरक्षा से जुड़े अनेक अधिकारियों के संदेश आ रहे हैं, जिन संदेशों के आधार पर मैं यह गारंटी दे सकता हूं कि नरेंद्र मोदी एक साल के बाद प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।

मैंने उनका भाषण टीवी पर सुना। जिस तरह से उनका चेहरा दिख रहा था और जिस तरह से उनकी गतिविधियां दिख रही थीं, उससे यह साफ दिख रहा था कि वह संतुलित मूड में नहीं थे। ऐसा लग रहा था जैसे कोई गंजेड़ी जोश में कोई बात बोल रहा हो, क्योंकि इस बात को कहने के थोड़ी देर बाद ही राहुल गांधी ने यह बात भी कह दी कि सत्तारूढ़ दल हमें चुनाव जीतने नहीं देगा। वह सभी प्रकार के हथकंडे अपनाकर हमें हराने की कोशिश करेगा।

एक गंभीर प्रश्न खड़ा होता है कि क्या राहुल गांधी के पास चुनाव आयोग, न्यायपालिका या रक्षा से संबंधित लोग कोई इस तरह का संदेश पहुंचा सकते हैं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे?

साथ ही राहुल गांधी ने यह बात भी कही कि भारत में एक आर्थिक तूफान आने वाला है। जैसा 100 वर्षों में कभी नहीं हुआ, उतना बड़ा भूकंप आएगा। हमारी अर्थव्यवस्था ढह जाएगी। भारत में आपातकाल लग जाएगा। पता नहीं पागलपन में वे क्या-क्या बकबक करते रहे और उनके भक्त तालियां बजाते रहे।

मुझे तो देखकर बहुत आश्चर्य हुआ कि कोई विपक्ष का नेता इस प्रकार की पागलपन भरी बातें भी कर सकता है और उसके समर्थक ताली भी बजा सकते हैं।