राजनीतिक विमर्श में भावनात्मक बयान और उनकी व्याख्या
मेरे एक अच्छे मित्र कृष्ण अवतार त्रिपाठी ‘राही’ जी ने मुझसे यह प्रश्न किया है कि भ...
मेरे एक अच्छे मित्र कृष्ण अवतार त्रिपाठी ‘राही’ जी ने मुझसे यह प्रश्न किया है कि भ...
भारत में स्वतंत्रता के बाद न्यायपालिका में लंबे समय तक साम्यवादी विचारधारा से प्रभावित लोगों क...
पूरी दुनिया में समाचारों की विश्वसनीयता के लिए अक्सर BBC को एक महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। बहुत से लोग यह मा...
कल हम लोगों ने यह चर्चा की थी कि राज्य हमेशा स्वतंत्रता का अपहरण करने के लिए “समानता” शब्द का अधिक...
हम वर्तमान राजनीतिक षड्यंत्र पर चर्चा कर रहे हैं। राजनेता हमेशा यह प्रयत्न करता है कि स्वतंत्र...
मैं सामान्यतः Shekhar Gupta को एक गंभीर विचारक मानता हूँ और उनके लेख ध्यानपूर्वक पढ़ता हूँ। इसी प्रकार मैं चार...
पिछले पाँच दिनों की सामाजिक चर्चा में सबसे पहले यह बात सामने आई कि प्रत्येक इकाई का अपना एक स्वतंत्र संविधान ह...
15 जनवरी, प्रातःकालीन सत्र हम पूरी दुनिया के लिए एक ऐसी विश्व व्यवस्था का प्रारूप प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसमें...
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18 दिसंबर : प्रातःकालीन सत्रकल रात 8:00 बजे मैं माँ संस्थान द्वारा आयोजित भगवान बुद्ध पर आधारित एक स्वतंत्र चर...
संसद सदस्यों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दलबदल कानून मनीष तिवारी को कांग्रेस पार्टी के एक समझदार और नपे-तु...
आज अंडमान-निकोबार में अमित शाह जी और मोहन भागवत जी द्वारा वीर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण किया गया और उनकी प्र...
मैं छत्तीसगढ़ में रहता हूं लेकिन मेरे घर से बिहार सिर्फ 100 फुट की दूरी पर ही है अर्था...
10 नवंबर प्रातः कालीन सत्र स्वतंत्रता के पहले भारत में दो विचारधाराए थी एक गांधी विचारधारा दूसरी नेहरू विचारधा...
25 अक्टूबर — प्रातःकालीन सत्र वर्तमान भारत में खेल, राजनीति और मीडिया — तीनों ही ...
आज मैंने प्रज्ञा ठाकुर के उस सुझाव की निन्दा की थी जिसमें किसी धर्म विरोधी के साथ जाने वाली परिवार की लड़की के...
विषय: नई समाज व्यवस्था पर चर्चा हम आज इस विषय पर विचार कर रहे हैं कि गांधी और संघ — दोनों के मार्गों मे...
जिस प्रकार किसी भले और सीधे-सादे कमजोर व्यक्ति को, बिना किसी गलती के भी, चालाक लोग डाँट देते हैं, वैसा ही हाल ...
6 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। हम सिर्फ समाजशास्त्री नहीं हम समाज विज्ञान पर भी रिसर्च कर रहे हैं। हम इस बात को अच...
स्वतंत्रता के बाद भारत ने अंग्रेजी शासन से मुक्ति तो पा ली, किंतु नेहरू के नेतृत्व में देश एक नई वैचार...
3 अगस्त प्रातः कालीन सत्र। वर्तमान दुनिया में एक बहस बढी हुई है की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है या एकरूपता। भारत म...
नई राजनीतिक व्यवस्था में नकद सब्सिडी प्रस्ताव 6 जुलाई 2025, प्रातःकालीन सत्र में हम वर्तमान राजनीतिक और सामाज...
प्रत्येक व्यक्ति की दो भूमिकाए होती है। 1. व्यक्ति के रूप मे 2. समाज के अंग के रूप मे। दोनो भूमिकाए बिल्कुल ...