बाल विवाह की स्वतंत्रता और ग्राम सभा की भूमिका
17 जुलाई प्रातःकालीन सत्र
हम बाल विवाह की पूरी तरह स्वतंत्रता देंगे। कानून किसी भी प्रकार से विवाह की उम्र तय नहीं कर सकता। यह शुद्ध पारिवारिक और सामाजिक विषय है।
हम बाल विवाह को बुरा भी नहीं मानते हैं। यदि कोई 6 महीने के बच्चे का भी विवाह कर देता है, तो यह उस परिवार की स्वतंत्रता है। उसकी चिंता ग्राम सभा कर सकती है। इस संबंध में ग्राम सभा नियम बना सकती है, सरकार नहीं बना सकती।
विवाह का उद्देश्य क्या है? विवाह का उद्देश्य है जीन परिवर्तन, अर्थात एक ही जीन के बालक और बालिका मिलकर संतान पैदा न करें। सिर्फ इतना ही विवाह का उद्देश्य है। यदि बचपन में ही जीन बदल दी जाए, अर्थात दूसरे परिवार की लड़की हमारे परिवार में लड़की के समान रहने लगे, तो इससे सरकार को क्या दिक्कत होगी?
मैं मानता हूँ कि तेज आबादी वृद्धि के कारण बाल विवाह रोकने को महत्व मिला और बाल विवाह पर रोक लगाई गई। लेकिन अब वह समस्या भी खत्म हो गई है। इसलिए मेरे विचार से नई व्यवस्था में बाल विवाह संबंधी कानून को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए। मेरा यह सुझाव है कि बाल विवाह के मामले में सरकार का हस्तक्षेप अनावश्यक है।
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