समान नागरिक संहिता की दिशा में नई शुरुआत

आज हमारे गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य अमित शाह ने यह बात साफ कर दी है कि हम जल्दी ही अधिकांश प्रदेशों में समान नागरिक संहिता को लागू कर देंगे। यह बात तो लंबे समय से समझ में आ रही थी कि देर-सवेर यह होना ही है, लेकिन अब इसकी घोषणा करके अमित शाह ने हम लोगों को एक हिम्मत दे दी है। अब विपक्ष को भी विरोध करने का हथियार मिल गया है और समान नागरिक संहिता के समर्थक भी अब मजबूत हो जाएंगे।

हमारा यह मानना लंबे समय से रहा है कि किसी भी प्रकार के आरक्षण अथवा भेदभाव का समाधान समान नागरिक संहिता ही है। वर्तमान समय में जो समान नागरिक संहिता लागू की जा रही है, यह अप्रत्यक्ष रूप से उसका पहला चरण है। इसका दूसरा और तीसरा चरण समय आने पर लागू किया जाएगा। लेकिन समान नागरिक संहिता की शुरुआत हो जाना भी बहुत ही अच्छा है। अब आरक्षण के समाधान की यह शुरुआत बहुत अच्छी है।

हम लोग यह बात साफ कर देना चाहते हैं कि हम आरक्षण का समाधान या तो संवैधानिक तरीके से करेंगे अथवा समान नागरिक संहिता के माध्यम से करेंगे। हम किसी भी परिस्थिति में आरक्षण का समाधान असंवैधानिक तरीके से नहीं करेंगे। साथ ही हम इस बात से भी सतर्क हैं कि आरक्षण के विरोध के नाम पर हम किसी भी प्रकार के अतिवादी हिंदुत्व को मजबूत नहीं होने देंगे। हम जिस तरह अंबेडकरवादियों से सावधान हैं, इस तरह हम अतिवादी हिंदुत्व से भी सावधान हैं।